भोजपुरी* 'मालिनी अवस्थी की कजरी
मालिनी अवस्थी ने अपने गायन (कजरी) के माध्यम से बाल विवाह व बाल विवाह करने वालों पर करारा प्रहार कर भोजपुरी की मजबूती को स्पष्ट प्रदर्शित किया है
==सईयां मिले लरिकईयां मैं का करूं
हाय मैं का करूं हाय मैं का करूं।
बारह बरस की मैं ब्याह की आई_ब्याह की आई
सईयां चले पईयां पईयां 'मै का करूं
पंद्रह बरस की मै गवने पे आई
गोईयां गवने पे आई
सईयां उडावे तनखईयां मैं का करूं। सईयां - - - - -
बीस बरस की मैं होने को आई :सईयां पुकारे मईया मईया मैं का करूं
सईयां मिले लरिकईयां में का करूं?
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