अंतरराष्ट्रीय

पिछले दस मई को मैने लिखा था कि तीसरे विश्व युद्ध की तरफ जा रही दुनिया "और हालात अब बहुत तेजी से बदल रहे हैं, बढता आतंकवाद, उत्तर कोरिया की तानाशाही, इंडियन फ्रंटियर पर पाक व ड्रेगन की खतरनाक चालों से पूरे विश्व में एक विशेष परिस्थितियों को देखने का अनुभव हो रहा है। कई देशों के आपसी ध्रुवीकरण कूटनीतिक सरगर्मी से अब साफ जाहिर हो रहा है कि युद्ध संभावित है यदि किसी भी देश ने युद्ध की घोषणा की तो संभव है कि धीरे-धीरे यह लपट मित्र राष्ट्रों की अगुवाई में आतंकवाद व साम्राज्य वाद के खात्मे के नाम पर दक्षिण पूर्व एशिया से तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत हो जाए मानव सभ्यता के नाश के लिए जिम्मेदार साम्राज्य वाद व विस्तार के पोषक देश ही होंगे जिन्हें आने वाली पीढ़ी कभी माफ नहीं करेगी

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